0Shares

गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर ममतामयी श्री राधे माँ ने सभी को शुभकामनाऍ दी ………

सबला उत्कर्ष समाचार प्रतिनिधी…..
नई दिल्ली – गणेश चतुर्थी का पावन त्योहार देश के कई राज्यों में कोविड-19 महामारी के साये में मनाया जा रहा है। इस मौके पर धर्मगुरु ममतामयी श्री राधे माँ जी ने भगवान गणेश से प्रार्थना करते हुए कहा कि हमारा प्यारा भारतवर्ष और बाकी दुनिया को कोरोनावायरस से मुक्ति मिल जाए।
ममतामयी श्री राधे माँ ने अपने भक्तो से कहा कि मैं गणेश चतुर्थी के अवसर पर आपको ढेर सारी शुभकामनाएं देती हूँ। गणेश चतुर्थी को घर पर और सार्वजनिक रूप से बड़े उत्साह के साथ मनाएं, साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। हमें इस अभिशाप को भी हराना है। मैं भगवान से भारत और दुनिया को कोरोना से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना करती हूँ। गणेश चतुर्थी एक लोकप्रिय हिंदू त्यौहार है।
धर्मगुरु राधे माँ ने आगे कहा कि हर महीने में दो चतुर्थी होती हैं, लेकिन भादों मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्म हुआ था, इसलिए सारी चतुर्थियों में गणेश जी की आराधना के लिए ये सबसे बड़ी तिथि है। गणपति की घर में स्थापना, शुभ के आगमन और अशुभ के विनाश के लिए होती है। कहते हैं, गणेश चतुर्थी पर घर में स्थापित गणेश मूर्ति को जब 10 दिन बाद विसर्जित किया जाता है तो वह अपने साथ घर की सारी नकारात्मकता भी ले जाती है। गणपति के स्वरूप से लेकर परिवार तक, सफल, सुखी और शांति भरे जीवन के सूत्र छिपे हैं। गणपति, उनका परिवार और उनसे जुड़ी चीजें हमें बहुत कुछ सिखाती हैं।
ममतामयी श्री गुरु राधे माँ ने आगे बताया माता पार्वती और महादेव के पुत्र भगवान श्री गणेश विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं। सभी देवों में प्रथम पूज्य और अपने भक्तों के सभी कष्ट दूर करने वाले हैं। भाद्रपद माह का शुक्ल पक्ष भगवान गणेश के पूजन के लिए विशेष रूप से समर्पित है। इस माह में गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी की तिथि तक गणेश उत्सव मनाया जाता है। इस काल में भगवान गणेश अपने भक्तों के घर आते हैं और जाते हुए उनके सारे दुख और कष्ट अपने साथ ले जाते हैं। सुख और सौभाग्य का आशीष देते हैं और अपने भक्तों पर धन-धान्य की वर्षा करते हैं। पूजन के अंत में भगवान गणेश जी की आरती का पाठ जरूर करें। ऐसा करने से भगवान गणेश की पूजा पूर्ण होती है तथा सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

0Shares